आइए जानते है कि कैसे करे बौने पौधों की खेती  

आज के समय में दुनिया जैसे-जैसे विकास की ओर अग्रसर हो रही है वैसे-वैसे कृषि में भी नए नए विकास के आयाम गढ़े जा रहे है।  कुछ शौकीन लोगों के द्वारा शुरू हुआ यह कार्य आज व्यापार का रूप ले चुका है।  आज के ज़माने में कुछ लोग नयी नयी चीजें अपने स्टेटस को बढ़ाने के लिए रखते है  चाहे उसमे लाखो का खर्चा क्यों ना आता हो।  
आज के इस अंक में प्रकृति को बचाते  हुए उसको संरक्षित कर अपने घर को कैसे ऑक्सीजन से भरपूर रख सकते है इस विषय  पर विवरण दिया जायेगा ।  




क्या होते है बौने पौधे  ?

बौने पौधे एक प्रकार की तकनीकी से तैयार किये जाते है जिससे उनका विकास कुछ ऊंचाई तक ही सीमित रह जाता है, ये पौधे देखने में बिलकुल बड़े पौधे की तरह होते है उनका पूरा स्ट्रक्चर एकदम बड़े पौधों की तरह ही होता है और ये पौधे देखने में बेहद शानदार होते है।  यदि इन पौधों को सही स्ट्रक्चर दे दिया जाय तो एक पौधा अच्छी आमदनी देकर जा सकता है।  


कैसे बनाया जाता है बोन्साई पौधा ?

बोन्साई पौधा तैयार करने हेतु इसकी मेन जड़ को काट दिया जाता है और इसकी सभी जड़ों को एक ख़ास किस्म की तार से बाँध दिया जाता है ताकि पौधे का विकास रुक जाए और पौधा एक ही जगह पर मोटा होता रहे और एक बड़े पौधे की तरह स्ट्रक्चर बनाता रहे।  पौधे की समय समय पर काट छांट भी होती रहनी चाहिए ताकि पौधे की विकास की गति स्थगित हो जाए। 

नोट :- पूरी विधि को जानने के लिए कृपया पूरा वीडियो अवश्य देखें 





बहुत से किसान भाई पौधे को तैयार करके लाखों की कमाई कर रहे है 

इस समय मार्केट में बोन्साई पौधों की अच्छी खासी डिमांड है लोग इसको अपने घर की शोभा बढ़ाने के लिए इसको सबसे बेहतर मानते है इस तरह के पौधे से घर की शोभा के साथ साथ लोगों के स्टेटस में भी चार चाँद लग जाते है।  


पीपल का बोन्साई लगाने से लगातार बानी रहती है घर में ऑक्सीज़न  

आजकल शहरों में लोगों ने इतनी AC लगा रखी है और साथ ही साथ कल कारखानो से उठते हुए धुएं इत्यादि से लोग शुद्ध ऑक्सीज़न नहीं ले पा रहे है परन्तु यदि ये बोन्साई पीपल के पौधे हर घर तक पहुचाये जाय तो शहरो के ऑक्सीज़न लेवल में काफी बढ़ोत्तरी हो सकती है। 


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