छत पर लगाए सब्जी देखिये बिलकुल नयी तकनीकी 


मेरे प्यारे किसान भाइयों आप सब को सादर प्रणाम, यदि आप अपने स्वयं की छत पर अपने दैनिक उपयोग की सब्जिया ऑर्गनिक पद्धति से ऊगा पाएं तो यह आपके और आपके परिवार केर लिए सबसे उत्तम तकनीकी व्यवस्था होगी।  आज के इस अंक में हम आपसे साझा करेंगे बिलकुल नयी तकनीकी से छत पर उगायी जाने वाली सब्जियों को, अनुरोध बस इतना है की आर्टिकल में संलग्न वीडियो को अवश्य देखें और आर्टिकल को भी पूरा पढ़ें।  





कैसी है ये नयी तकनीकी ? 

आज के कुछ समय पहले हम अपने छतों पर गमले में सब्जियों को उगाने की कल्पना किया करते थे परन्तु इस समय बहुत सी ऐसी नयी तकनीकियों ने अपना कब्ज़ा आपकी छतों पर जमाना शुरू कर दिया है, जिसको अपनाकर आप बना सकते है खुद को और अपने परिवार के हर व्यक्ति को स्वस्थ।  

1 :- हीड्रोपोनिक्स  विधि 

2 :- देशी तकनीकी 


यदि हम बात करे इन तकनीकियों के विषय में तो दोनों ही तकनीकी हमारे लिए बहुत ही उपयोगी है, पहली तकनीकी की व्यवस्था करना थोड़े खर्चे का काम है, परन्तु दूसरी तकनीकी कुछ कम खर्चे में भी लगायी जा सकती है।  


१ :- हीड्रोपोनिक्स  विधि 



इस विधि में खर्चा जरा ज्यादा आता है परन्तु एक बार लगा देने के बाद सालों साल इससे आमदनी मिलती रहती है, सबसे ख़ास बात इस विधि में आप बिना मिटटी के अपनी शाक भाजी का उत्पादन ले सकते है इस विधि से फसलोत्पादन में रोग एवं कीटो का प्रकोप काम हो जाता है साथ ही साथ फसलों को संतुलित मात्रा में उर्वरक मिलने से उनकी चमक और उनमे मिलने  पोषक तत्वों की मात्रा बरकरार रहती है, इस विधि के विषय में एक डिटेल में जानकारी जल्द ही आप सबके बीच प्रस्तुत की जायेगी।  



२:- देशी तकनीकी  




देशी तकनीकी बेहद सरल और टिकाऊ है आप इसको किसी भी मिस्त्री से बनवा सकते है।  यह तकनीकी बेहद लोकप्रिय हो रही है क्योकि इस तकनीकी से एक तो छुट्टा जानवरों द्वारा कोई नुक्सान नहीं होता है दूसरा इस तकनीकी के माध्यम से बहुत से खाली पड़े छतों का उपयोग शुरू हो गया है, अब गाँव और शहर में बराबर लोग इस तकनीकी का उपयोग करके अपने और अपने परीवार के लिए शुद्ध आर्गेनिक सब्जियों का उत्पादन लेर सकते है।  


देशी तकनीकी सरल और बेहद उपयोगी है 

यदि ह्यूमन नेचर की बात की जाय तो जहाँ उसे सस्ती  और टिकाऊ तकनीकी मिलती है वो वहां अपना पूरा ध्यान लगता है, ऐसे में यदि शहरों और छोटे छोटे कस्बों में इस तकनीकी का विकास किया जाय तो वो  दूर नहीं जब हर कोई खुद के आवस्यकता की सब्जियां खुद ही उगना शरू कर देगा। यह तकनीकी छोटे शहरों के लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है। 



यदि आपको लेख पसंद आया हो तो इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करे और यह जानकारी अन्य  व्यक्तियों तक अवश्य पहुचाये।